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vinesh phogat historic success and Sakshi Malik’s disappointing performance in asian games 2018


जकार्ता. भारत की महिला पहलवान विनेश फोगाट ने यहां जारी 18वें एशियाई खेलों के दूसरे दिन सोमवार को अपने देश को ऐतिहासिक स्वर्ण पदक दिलाया. उनके अलावा हालांकि बाकी महिला पहलवानों खासकर ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक ने निराश किया. रियो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली साक्षी के अलावा गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेलों की रजत पदक विजेता पूजा ढांड़ा भी कांस्य पदक के मैच में हार गईं. पिंकी भी अपने पहले एशियाई खेलों में छाप छोड़ने में असफल रहीं.

वहीं, पुरुष वर्ग में दूसरे दिन 125 किलोग्राम भारवर्ग प्रीस्टाइल स्पर्धा के ही मुकाबला था, जहां भारत के सुमित कांस्य पदक मैच में हार गए. रविवार को पहलवान बजरंग पूनिया ने भारत को इस एशियाई खेलों का पहला स्वर्ण दिलाया था.

विनेश ने महिलाओं की 50 किलोग्राम फ्रीस्टाइल स्पर्धा के फाइनल में जापान की इरि युकी को मात देकर पहला स्वर्ण पदक हासिल किया. विनेश एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला पहलवान बनी हैं. उन्होंने 2014 में इंचियोन एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीता था.

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राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीतने वाली विनेश ने शुरू से ही जापानी खिलाड़ी को दबाव में रखा. विनेश ने पहले राउंड में शुरुआत में चार अंक लिए. इसके बाद विनेश ने जापानी खिलाड़ी को मैट पर गिराया, लेकिन जापानी खिलाड़ी ने शानदार डिफेंस करते हुए अपने कंधों को जमीन पर नहीं लगने दिया. पहले राउंड में विनेश 4-0 से आगे थीं.

दूसरे राउंड में विनेश ने अपने मजबूत डिफेंस से समय जाया किया. इसी बीच इरी एक अंक लेने में सफल रहीं. अंत में विनेश ने इरी को पटखनी देते हुए दो और अंक लेकर 6-2 से मुकाबला अपने नाम कर पहली बार सोने का तमगा अपने गले में डाला. विनेश को सेमीफाइनल मैच में पैर में चोट लग गई थी बावजूद इसके वो रुकी नहीं और फाइनल में दमदार प्रदर्शन करने में सफल रहीं.

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रियो में कांस्य जीतने वाली साक्षी ने शानदार शुरुआत करते हुए सेमीफाइनल मुकाबले में प्रवेश कर लिया था, जहां उन्हें किर्गिस्तान की आइसुलु तेनीबेकोवा वा ने 8-7 से मात देकर स्वर्ण जीतने के सपने को तोड़ दिया. सेमीफाइनल में हार के बाद साक्षी को कांस्य पदक का मैच खेलने का मौका मिला, लेकिन साक्षी यहां भी भारतीय प्रशंसकों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाईं. उन्हें उत्तर कोरिया की जोंग सिम रिम ने 12-2 से तकनीकी दक्षता के आधार पर मात देकर कांसे से भी महरूम कर दिया.

पूजा के पास भी अपने पहले एशियाई खेलों में पदक जीतने का मौका था लेकिन वह भी इस मौके पर हाथ साफ नहीं कर सकीं. पूजा को कांस्य पदक के मैच में जापान की काटसुकी साकागामी ने 6-1 से मात दी. पूजा को सेमीफाइनल में उत्तर कोरिया की मयोंग सुक जोंक ने 10-0 से मात देकर फाइनल में जगह बनाने से रोक दिया. सेमीफाइनल में हारने के कारण ही पूजा को कांस्य पदक मैच खेलने का मौका मिला.

पिंकी को 53 किलोग्राम भारवर्ग फ्रीस्टाइल स्पर्धा के प्री-क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की सुमिया एर्डेसकिमेग ने 0-10 से हराया. पुरुष वर्ग में सुमित को कांस्य पदक के मैच में उज्बेकिस्तान के डेविट मोडजमानाशविलि ने 2-0 से हराया. सुमित ने रेपचेज राउंड में कजाकिस्तान के बोलटिन ओलेग को 7-0 से मात देकर कांस्य पदक की उम्मीदों को जिंदा रखा है.

सुमित को प्री-क्वार्टर फाइनल में ईरान के परवेज हादिवासमंज के हाथों 0-10 से हार का सामना करना पड़ा था. परवेज ने फाइनल में जगह बनाई और इसी कारण सुमित को रेपचेज राउंड खेलने का मौका मिला.



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