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Sunday Special Virat Kohli Leave India Controversy Has Consider Himself As Country | संडे स्पेशल: क्या कोहली ने नेताओं की तरह खुद को ‘देश’ समझना शुरू कर दिया है!


संडे स्पेशल: क्या कोहली ने नेताओं की तरह खुद को 'देश' समझना शुरू कर दिया है!

आजकल भारतीयों को विदेश भेज देने की धमकी देने का चलन बड़ा लोकप्रिय हो गया है. भारत में कई राजनेता हैं जो लोगों की देशभक्ति पर शक करके उन्हें पाकिस्तान भेजने की धमकी देते रहते हैं. अब यह चलन क्रिकेट में भी आ गया है. विराट कोहली का कहना है कि जो लोग भारतीय खिलाड़ियों को पसंद नहीं करते उन्हें देश छोड़कर चले जाना चाहिए. इसका मतलब है कि अंग्रेज खिलाड़ियों के प्रशंसकों को इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के प्रशंसकों को ऑस्ट्रेलिया चले जाना चाहिए. अगर ऐसा कोई नियम बन जाए तो बडी अफरातफरी मच जाएगी .

Kanpur: A Virat Kohli fan enters the field during the 3rd ODI cricket match between India and New Zealand at Green Park Stadium in Kanpur on Sunday. PTI Photo by Shahbaz Khan (PTI10_29_2017_000114B)

भारतीयों को क्रिकेट में अपनी देशभक्ति का प्रदर्शन करना जितना पसंद है उससे ज्यादा उन्हें एनआरआई बनना पसंद है. बल्कि उन्हें सबसे ज्यादा पसंद यह है कि वे एनआरआई बन कर भारतीय टीम का समर्थन करें . ऐसे में अगर इंग्लैंड या ऑस्ट्रेलिया जाने की बात हो तो करोड़ों भारतीय यह शपथपत्र देने को तैयार हो जाएंगे कि वे अंग्रेज़ या ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों के प्रशंसक हैं इसलिए उन्हें उन देशों की नागरिकता दी जाए. इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के हाइकमीशनों के बाहर वीजा मांगने वालों की लंबी लंबी कतारें लग जाएंगी और राजनयिक संकट खड़ा हो जाएगा.

भारतीय फैंस क्यों हैं खास

खैर यह तो काल्पनिक दृश्य है लेकिन वास्तविक संकट तो यह है कि भारतीय क्रिकेटप्रेमी कुछ ज्यादा ही देशभक्त हैं. अपनी देशभक्ति दिखाने के लिए भारतीय जनता का सबसे प्रिय मौका क्रिकेट मैच ही होता है . लोग तिरंगा झंडा लेकर मैच देखने जाते हैं और उसे टीवी कैमरों के सामने ज़ोर ज़ोर से लहराते हैं. अपने चेहरों पर झंडा रंगवाना भी काफी लोकप्रिय कार्यक्रम है.

Britain Cricket - India v Pakistan - 2017 ICC Champions Trophy Group B - Edgbaston - June 4, 2017 Fans outside the ground Action Images via Reuters / Paul Childs Livepic - RTX38X5L

क्रिकेट मैच में देशभक्ति का प्रदर्शन काफी सुविधाजनक काम है  इसमें अपना कुछ जाता नहीं है, खेल का खेल देखना हो जाता है, साथ में देशभक्ति भी हो जाती है. मैच ख़त्म होने पर लोग घर लौट आते हैं और देशभक्त होने के लिए अगले क्रिकेट मैच का इंतजार करते हैं. अगर मैच पाकिस्तान के खिलाफ हो तो बात ही क्या है.

क्या विराट को आलोचना बर्दाश्त नहीं!
विराट कोहली को भी इसी किस्म की देशभक्ति की आदत हो गई है इसलिए उन्होने ऐसा बयान दिया है. भारत में यूं भी क्रिकेट के किसी सुपर स्टार की चमक हजारों वाट के बल्ब से कम नहीं होती, इसलिए उन्हें एकाध आदमी भी उनकी आलोचना करे, यह बर्दाश्त नहीं होता. जैसे कुछ ख़ास राजनेताओं को अपनी आलोचना देश की आलोचना लगती है, वैसे ही विराट कोहली को अपनी आलोचना देश के खिलाफ बयान लगे तो आश्चर्य नहीं है.

Britain Cricket - India v Bangladesh - 2017 ICC Champions Trophy Semi Final - Edgbaston - June 15, 2017 India fans celebrate Action Images via Reuters / Paul Childs Livepic EDITORIAL USE ONLY. - RTS178JX

अपने शहर, राज्य या देश की टीम के प्रति अपनापन महसूस होना स्वाभाविक है और किसी मुक़ाबले में अपनी टीम का प्रशंसक होना भी बहुत स्वाभाविक है. लेकिन यह प्रशंसाभाव और प्रेम, संकीर्णता और उन्माद की हद तक पहुंच जाए तो ख़तरनाक है, बल्कि अक्सर और उन्माद और संकीर्णता, सच्चे प्रेम का विकल्प बन कर ही सामने आते हैं .अगर किसी भी खेल को हार जीत और मान अपमान तक घटा दिया जाए तो खेल का कोई मतलब नहीं रहता. अगर आप विवियन रिचर्डस के किसी शानदार शॉट या शेन वॉर्न की जादुई गेंद का मजा न ले पाएं क्योंकि वह शॉट या वह गेंद भारत के ख़िलाफ़ मैच में आया है, तो आपका क्रिकेटप्रेमी होना व्यर्थ है. अगर आप खेल के श्रेष्ठ क्षणों का आनंद न सकते हों तो खेल मत देखिए, कोई और सार्थक काम कीजिए.

क्या है क्रिकेटरों की देशभक्ति की सीमा

जो लोग खिलाड़ियों और खेल को देशप्रेम का वाहक मानते हैं उन्हें यह भी मालूम होना चाहिए कि अक्सर बड़े क्रिकेट खिलाड़ियों की देशभक्ति की सीमा वहीं तक होती है जहां से व्यवसायिक हितों का क्षेत्र शुरु होता है . बड़े बड़े क्रिकेट खिलाड़ियों के देश के ऊपर व्यावसायिक हितों को तरजीह देने के बहुत सारे प्रसंग हैं और उनमें से कुछ काफी कटु भी हैं, इसलिए उनकी बात न की जाए तो बेहतर.

virat kohli

विराट कोहली ने कहा है कि जो बात उन्होने कही थी वह हल्के फुल्के अंदाज में, मजाक में कही थी. फिर भी इस मजाक के पीछे जो कुछ दबी हुई सच्चाई तो है ही. विराट कोहली के स्विट्जरलैंड जाकर शादी करने की कुछ लोगों ने बड़ी मूर्खतापूर्ण आलोचना की थी, तब विराट कोहली को जरूर बहुत बुरा लगा होगा. इसलिए कोहली को मजाक में भी उसी मानसिकता का समर्थन नहीं करना चाहिए.



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