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Delhi Signature Bridge Dispute Case Filed Against Three Accused Now Crime Branch Will Investigate The Case Tk | सिग्नेचर ब्रिज विवाद: 3 के खिलाफ केस दर्ज, अब क्राइम ब्रांच करेगी जांच


सिग्नेचर ब्रिज विवाद: 3 के खिलाफ केस दर्ज, अब क्राइम ब्रांच करेगी जांच

दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज पर भारतीय जनता पार्टी के नेता मनोज तिवारी और आम आदमी पार्टी के नेता अमानतुल्लाह के बीच हुए कथित मारपीट के सिलसिले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है. अब ये केस दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच के पास भेज दिया है. अब वो ही इसकी जांच करेगी.

न्यूज18 हिंदी की रिपोर्ट के मुताबिक, आम आदमी पार्टी के एक कार्यकर्ता के एफआईआर में बीजेपी सांसद मनोज तिवारी का नाम भी दर्ज हुआ है. वहीं वी एन झा बीजेपी कार्यकर्ता की शिकायत पर आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्लाह खान और संजीव झा के खिलाफ केस दर्ज हुआ है.

बता दें कि आप नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक से मुलाकात कर सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन के दौरान हंगामा करने के संबंध में बीजेपी दिल्ली अध्यक्ष मनोज तिवारी के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की थी.

दरअसल, पिछले 4 नवंबर को सिग्नेचर ब्रिज के उद्घाटन समारोह के दौरान दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी और आप के समर्थकों के बीच हाथापाई हो गई. घटना का एक वीडियो भी वायरल हुआ था. इस वीडियो में मनोज तिवारी आप कार्यकर्ता को मारने की कोशिश करते हुए नजर आ रहे थे. जबकि पुलिस उन्हें रोकने की कोशिश कर रही थी और वह पुलिस से हाथ छुड़ाने की कोशिश कर रहे थे.

इस घटना के बाद मनोज तिवारी ने कहा था, ‘सालों से रुके हुए निर्माण कार्य को मैंने अपने चुनाव क्षेत्र में शुरू करवाया था और अब अरविंद केजरीवाल ने इसका उद्घाटन समारोह आयोजित किया.’

उन्होंने आप नेताओं को धमकी देते हुए कहा था कि ‘इन्हें चार दिन में बताऊंगा कि पुलिस क्या होती है.’

किसका है सिग्नेचर ब्रिज?

इस परियोजना के पूरा होने से नार्थ और नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली के बीच यात्रा का समय कम हो जाएगा. दिल्लीवासी इस ब्रिज के ऊपर से पूरे शहर का एक शानदार नजारा दिखेगा. इसके लिए चार लिफ्ट लगाई गई हैं जिनकी कुल क्षमता 50 लोगों को ले जाने की है.

सिग्नेचर ब्रिज का प्रस्ताव 2004 में पेश किया गया था जिसे 2007 में दिल्ली मंत्रिपरिषद की मंजूरी मिली थी. शुरुआत में अक्टूबर 2010 में दिल्ली में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम के पहले 1131 करोड़ रूपए की संशोधित लागत में पूर्ण होना था.

इस परियोजना की लागत 2015 में बढ़कर 1,594 करोड़ रूपए हो गई. खबरों के मुताबिक जब पहली बार इस ब्रिज को 1997 में प्रस्तावित किया गया था तब इसकी लागत 464 करोड़ रुपए आंकी गई थी. अभी यह ब्रिज वजीराबाद पुल के ट्रैफिक के बोझ को साझा करेगा.



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