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Business Round Up: Rift between Govt and RBI may reason to problem for fina | सरकार और रिजर्व बैंक में टकराव से वित्तीय क्षेत्र की समस्याएं बढ़ेंगी


Dainik Bhaskar

Nov 05, 2018, 09:29 AM IST नई दिल्ली. सरकार और रिजर्व बैंक के बीच हाल के दिनों में टकराव उभर कर सामने आया है। सरकार डिजिटल पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स के लिए नया रेगुलेटर बनाना चाहती है, जबकि केंद्रीय बैंक का मानना है कि यह जिम्मा आरबीआई के पास ही होना चाहिए। आरबीआई के पास करीब एक लाख करोड़ रुपए का रिजर्व है। सरकार चाहती है कि आरबीआई यह रकम उसके खाते में ट्रांसफर करे ताकि राजकोषीय घाटा कम किया जा सके। 

 

सरकार तत्काल सुधार (पीसीए) वाले नियमों में भी ढील चाहती है ताकि इस श्रेणी में रखे गए 12 बैंक कर्ज दे सकें। इससे एनबीएफसी की नकदी समस्या भी कुछ कम होगी। दूसरी तरफ रिजर्व बैंक चाहता है कि सरकारी बैंकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए उसे और अधिकार मिले। खासकर ऐसे बैंक जिनका एनपीए बहुत ज्यादा हो गया है। अधिकार क्षेत्र, कर्ज देने के नियम आदि पर तनातनी का जल्दी समाधान नहीं किया गया तो फाइनेंशियल सेक्टर की समस्याएं बढ़ेंगी। 

 

कोल इंडिया के शेयरों में खुदरा निवेशकों ने दिखाई रुचि 

सबसे बड़ी सरकारी कंपनियों में एक कोल इंडिया में सरकार ने अपनी करीब 3.5% हिस्सेदारी बेचकर 5,850 करोड़ रुपए जुटाए हैं। कंपनी में सरकार की 78% हिस्सेदारी थी। ऑफर फॉर सेल में खुदरा निवेशकों का हिस्सा 1,650 करोड़ रुपए का था, जबकि उन्होंने 4,200 करोड़ रुपए के शेयरों के लिए बोली लगाई। खुदरा निवेशकों के लिए शेयर अलॉटमेंट की कीमत 5% डिस्काउंट के बाद 253 रुपए है। सरकार 9% हिस्सेदारी बेचकर 14,800 करोड़ रुपए जुटाना चाहती थी। सरकार ने 2018-19 में विनिवेश के जरिए 80 हजार करोड़ रु. जुटाने का लक्ष्य रखा है। 

 

एचडीएफसी: कम आय वर्ग के कारण लोन 17% बढ़ा 

देश के सबसे बड़ी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी एचडीएफसी का स्टैंडअलोन मुनाफा सितंबर तिमाही में 25% बढ़ा है। यह पिछले साल की समान तिमाही के 1,978 करोड़ की तुलना में 2,467 करोड़ हो गया। रेवेन्यू 9,007 करोड़ से बढ़कर 11,257 हो गया है। निवेश से बैंक को 1,000 करोड़ का लाभ है, जो पिछले साल सितंबर तिमाही में सिर्फ 63 करोड़ था। इसमें एचडीएफसी ऐसेट मैनेजमेंट कंपनी के आईपीओ से मिले 891 करोड़ भी शामिल हैं। एचडीएफसी की लोन बुक 17% बढ़कर 3.79 लाख करोड़ हो गई है। लोन बुक में यह बढ़ोतरी खासकर कम आय वर्ग के लोगों को ज्यादा कर्ज देने से हुई है। 

 

पूंजी के लिए एतिहाद से बात कर रही है जेट एयरवेज 

जेट एयरवेज ने विमानों की लीज के पेमेंट में डिफॉल्ट किया है। घाटे में चल रही एयरलाइन को स्थिति संभालने के लिए 5-7 विमान लौटाने पड़ सकते हैं। आर्थिक संकट के कारण यह कर्मचारियों के वेतन में भी देरी कर रही है। जेट के रोजाना करीब 650 फ्लाइट हैं। सितंबर और अक्टूबर का पेमेंट नहीं देने के कारण एयरपोर्ट अथॉरिटी ने नोटिस भेजा है। एयरलाइन को तत्काल करीब 7,300 करोड़ रुपए की जरूरत है और इसके लिए यह अपनी सहयोगी एतिहाद एयरवेज से बात कर रही है। हिस्सेदारी बेचने के लिए टाटा समूह के साथ भी बातचीत की चर्चा है। 

 

एलएंडटी के पास 2.8 लाख करोड़ रुपए की ऑर्डर बुक 

जानी-मानी इंजीनियरिंग और कंस्ट्रक्शन कंपनी लार्सन एंड टूब्रो ने सितंबर तिमाही में मुनाफे में 23% बढ़ोतरी दर्ज की है। विशेषज्ञों का अनुमान 1,650 करोड़ का था जबकि इसे 2,200 करोड़ का प्रॉफिट हुआ है। रेवेन्यू ग्रोथ 21% रही है। यह 29,200 करोड़ के अनुमान की तुलना में 32,100 करोड़ रुपए रहा। इन्फ्रास्ट्रक्चर, हाइड्रोकार्बन, रियलिटी और सर्विसेज के बिजनेस की वजह से रेवेन्यू में इतनी ग्रोथ दर्ज हुई है। कंपनी की ऑर्डर बुक 2.81 लाख करोड़ रुपए की है।



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