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प्रशासनिक कार्यों में बर्बाद होता है अधिकतर कर्मचारियों का समय: सर्वेक्षण


मुंबई: एक रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है कि कर्मचारियों का ज्यादातर समय प्राशासनिक कार्यों तथा दूसरे उनसे असंबद्ध कार्यों में व्यर्थ होता है. क्रोनोस इनकॉरपोरेटेड सर्वेक्षण के अनुसार, 86 प्रतिशत लोगों का मानना है कि वे रोजाना ऐसे कामों में समय बर्बाद करते हैं जो उनके मूल काम से संबंधित नहीं होता है. 41 प्रतिशत पूर्णकालिक कर्मचारी हर रोज इन कार्यों में एक घंटे से अधिक समय व्यर्थ करते हैं. यह सर्वेक्षण 31 जुलाई से नौ अगस्त के बीच ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, भारत, मैक्सिको और ब्रिटेन के 2,800 कर्मचारियों के बीच किया गया.

सर्वे में खुलासा हुआ कि 40 प्रतिशत कर्मचारी प्रशासनिक कार्यों में हर दिन एक घंटे से अधिक समय खराब करते हैं और उनके इन कार्यों से उनके संगठन का कोई लाभ नही होता है. इसके अलावा 42 प्रतिशत लोगों ने सहकर्मियों के साथ तालमेल बिठाना, 35 प्रतिशत लोगों ने प्रशासनिक कार्यों, 33 प्रतिशत लोगों ने नियमित श्रम तथा 31 प्रतिशत लोगों ने ई मेल का जवाब देने को रोजाना समय व्यर्थ करने वाली गतिविधियां माना. 

वर्कप्लेस पर ना करें इन बातों पर अपने सहकर्मी से चर्चा

वर्कप्लेस पर ना करें इन बातों पर अपने सहकर्मी से चर्चा
वर्क प्लेस (कार्यस्थल) पर आपको बेहद सावधान और सतर्क रहने की जरूरत होती है.  अगर आप अपने कार्यस्थल पर कुछ विवादित टॉपिक पर बातचीत करते हैं तो सहकर्मियों के बीच आपकी इमेज अप्रिय की बन जाती है. इसलिए, इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि कार्यस्थल पर विवादित विषयों और चर्चाओं से बचे. 

धर्म
कार्यस्थल पर अपने धार्मिक विश्वास पर चर्चा करने से हमेशा बचें.  इसके अलावा किसी भी धर्म की बुराई और उसपर वाद-विवाद की स्थिति से हमेशा दूर रहना चाहिए.  हम यह नहीं कह रहे हैं कि कार्यस्थल पर अपने धर्म को छुपा कर रखें.  आप अपने धर्म पर गर्व करें लेकिन किसी दूसरे धर्म पर विवादित बातचीत ना करें. 

राजनीति
अक्सर लोग अपने राजनीतिक विश्वास के प्रति भावुक हो जाते हैं और कार्यस्थल पर लंबी राजनीतिक वाद-विवाद और चर्चा छेड़ देते हैं.  ऐसा करने से हमेशा बचना चाहिए.  अपने वर्कप्लेस पर अपने पसंदीदा नेता की अच्छाई और विपक्ष की बुराई जैसी चर्चाओं से दूर रहें इससे कार्य में खलल पड़ता है. 

सेक्स लाइफ
कार्यस्थल पर अपने सेक्स लाइफ के बारे में बातचीत ना करें.  अगर आप ऐसा करते हैं तो इससे दूसरे व्यक्तियों को असहज की स्थिति से दो चार होना पड़ता है.  ऐसा भी हो सकता है कि आपको सेक्सुअल हरासमेंट की स्थिति का सामना करना पड़े.  इसलिए, कार्यस्थल पर अपनी निजी जिंदगी और सेक्स पर बातचीत ना करें. 



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